क्योंकि
लौट आना तुम्हारा, इतना भी मुश्किल नहीं, देख रहे हो, लौट आई सर्दी, जून की बारिश में, क्योंकि! तुम, तुम हो, मैं नहीं, मैं, तुम नहीं हूँ इसलिए मुश्किल है, मेरा लौट आना , तुम्हारी शामों का हो जाना।
मेरी डीठ से दुनिया.... और फाम में बसा अतीत...... (डीठ-दृष्टि फाम-याद)