आज के समय में पहाड़ के गांव जिस तरह ख़ाली हो रहे हैं उस दशा में पहाड़ की दशा देखें किस तरह रो रहा हैं पहाड़ । अरे विकास के ठेकेदारों पलायन की गति तो देखो विकास तुम्हारा कहाँ गया? रो...
मेरी डीठ से दुनिया.... और फाम में बसा अतीत...... (डीठ-दृष्टि फाम-याद)