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कैद....।

उसने इस कदर दबा रखा है सीने में उसे, जंजीरें दर्द से कराह रही है। ये महोब्बत थी कि सुराख-ए-कैदखाना , जितने अंदर समाये, सहारा सा मिल रहा है बेवहा अंधेरे का। वो इस फन में माहिर निक...

एक फासला और सही..

कि मीलों के सफर तय किये हैं तूने,                            एक फासला और सही.. जरा सी तब्दीली चाहिए तेरे हाल में, कि परिवर्तन              आएगा जरूर, एक हौसला और सही।            ...

मेरा घर

एक पेड़ तो नहीं ,                         छोटी डलिया था मेरा घर। उड़ान  भरना सीखा तो नहीं,                         पर फैलाये थे पहले पर। सदियां बीत गयी, एक मंज़र बीत गया,           ...

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तुझे संजीदा कहूँ कि बेहूदा, रखा तूने अज़ब शौक से है मुझे, कुछ मैले, उखले से बचपन के रंगों में नहाये... थे भी नहीं भी थे! पर जो भी थे सुहाते थे, वो चिथड़े जिन्हें पहनने का गुमान बस साल म...

जलजला

अजब जलजला ले आता है, वो शख्स!           जब कहीं चले जाने को होता है। धाराएँ कहीं दूर छिटकती है, लहरें किनारों में ठहरने को होती है, आंधियां झोपड़ी छीनने को आती है, तूफ़ां आपे में न...

देखना ही होगा।

देखो तो बसन्त की उम्मीद में सारी ऋत सोया नहीं है, पतझड़ तो शुरू हुआ भी है कि नहीं। ये वृक्ष हैं ना बड़ा बदरंग होता है, आके देखो, पतझड़ का मौसम है, देखना ही होगा। ये जो शाख पर नए पत्ते ...

एक सपना ही तो है।

तू है तो सुनहरा बहुत, पर ख्वाब ही तो है! आज नहीं तो कल टूट जाएगा, बस एक काँच सा रिश्ता ही तो है! ये प्रलय- सा मन में मेरे क्यों उठा है बता जरा, तू सपनों का हेडक्वाटर नहीं मेरे, बस एक सप...