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तेरा साथ भी गजब है

तेरा न मिलकर भी बिछड़ना, साथ चलकर भी दूर छिटकना, कशमकश लिए भागना, अतीत को लेकर बुदबुदाना, प्यार से कहकहाना, बिन बात के बतियाना, न होते हुए भी साथ हूँ कह देना, ऐसे ही झूठ-मूठ का खिश...

खुदा जाने

मेरे जग में यूँ तो बहुत सी कृतियाँ हैं हर कहीं फैली हुई, कुछ जीवंत, कुछ उजड़ सी गयी, कुछ बिल्कुल ही मैली हुई, किस ओर डपट जाऊं किसी रोज खुदा जाने, अज़ीम भी है, तज्ञ भी है, अब्तर भी है, उम...

04 सितम्बर

                   आज का दिन (04, सितम्बर, 2012) एक इतिहास,   एक एहसास,     एक अल्फाज,      एक मुफलिसी,        एक अदम, एक पुष्पवाटिका,   एक ख्वाहिश,    एक तिलिस्म,     एक दिवास्वप्न,       एक उ...

कैद....।

उसने इस कदर दबा रखा है सीने में उसे, जंजीरें दर्द से कराह रही है। ये महोब्बत थी कि सुराख-ए-कैदखाना , जितने अंदर समाये, सहारा सा मिल रहा है बेवहा अंधेरे का। वो इस फन में माहिर निक...

एक फासला और सही..

कि मीलों के सफर तय किये हैं तूने,                            एक फासला और सही.. जरा सी तब्दीली चाहिए तेरे हाल में, कि परिवर्तन              आएगा जरूर, एक हौसला और सही।            ...

मेरा घर

एक पेड़ तो नहीं ,                         छोटी डलिया था मेरा घर। उड़ान  भरना सीखा तो नहीं,                         पर फैलाये थे पहले पर। सदियां बीत गयी, एक मंज़र बीत गया,           ...

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तुझे संजीदा कहूँ कि बेहूदा, रखा तूने अज़ब शौक से है मुझे, कुछ मैले, उखले से बचपन के रंगों में नहाये... थे भी नहीं भी थे! पर जो भी थे सुहाते थे, वो चिथड़े जिन्हें पहनने का गुमान बस साल म...