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जीना न आया

गरल था या सुधा था बहुत, बस मुझे ही पीना न आया। जिंदगी घुली थी वहां, बस मुझे ही जीना न आया।। साथ मिला भी दूर तलक, बस मुझे ही चलना न आया। गिरते-पड़ते रहने को पहाड़ सा सफर था, बस मुझे ही ग...

बनूंगा

सुनो, मैं, माना तेरा हमसफ़र न सही तेरी पैमाइशों का हमयार बनूंगा, मैं, तेरे चमक का सितारा न सही, तुम्हारे बुरे में चंदा का प्यार बनूंगा। मैं, तेरी कीमत का सोना नहीं न सही, तेरी आहट...

तेरा साथ भी गजब है

तेरा न मिलकर भी बिछड़ना, साथ चलकर भी दूर छिटकना, कशमकश लिए भागना, अतीत को लेकर बुदबुदाना, प्यार से कहकहाना, बिन बात के बतियाना, न होते हुए भी साथ हूँ कह देना, ऐसे ही झूठ-मूठ का खिश...

खुदा जाने

मेरे जग में यूँ तो बहुत सी कृतियाँ हैं हर कहीं फैली हुई, कुछ जीवंत, कुछ उजड़ सी गयी, कुछ बिल्कुल ही मैली हुई, किस ओर डपट जाऊं किसी रोज खुदा जाने, अज़ीम भी है, तज्ञ भी है, अब्तर भी है, उम...

04 सितम्बर

                   आज का दिन (04, सितम्बर, 2012) एक इतिहास,   एक एहसास,     एक अल्फाज,      एक मुफलिसी,        एक अदम, एक पुष्पवाटिका,   एक ख्वाहिश,    एक तिलिस्म,     एक दिवास्वप्न,       एक उ...

कैद....।

उसने इस कदर दबा रखा है सीने में उसे, जंजीरें दर्द से कराह रही है। ये महोब्बत थी कि सुराख-ए-कैदखाना , जितने अंदर समाये, सहारा सा मिल रहा है बेवहा अंधेरे का। वो इस फन में माहिर निक...

एक फासला और सही..

कि मीलों के सफर तय किये हैं तूने,                            एक फासला और सही.. जरा सी तब्दीली चाहिए तेरे हाल में, कि परिवर्तन              आएगा जरूर, एक हौसला और सही।            ...