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क्या वो मेरा है.?

उसकी शामें मेरी है, उसकी बातें मेरी है, उसकी शब्दावली मेरी है, उसकी रूह मेरी है, क्या वो मेरा है.? वो सम्भले बाहें मेरी है, वो चले राहें मेरी है, वो देखे निगाहें मेरी है, क्या वो मे...

वो,

एक साज, एक आवाज़, एक परवाज़.... एक बेजिरह अतीत... कि एक खूबसूरत आज.. क्या नाम दूँ उसे.? सवाल में क्रमण, बातों में भ्रमण, वर्तमान की शरण.... जीना आज का है... प्रेम उसका आमरण.. क्या बयाँ करूँ उसे.? र...

"ज़ख्मों का बेताज़ बादशाह"

एक और ज़ख्म ताजा किया आज मैंने उसका......         कभी-कभी तो लगता है कि उसके अतीत का शीशा दिखाने ही मैंने उसकी जिंदगी में प्रवेश लिया है,,मेरी ज़िंदगी में होने वाली हर उठा-पटक से उसको ...

अतीत तो अतीत है

अतीत तो अतीत है, फिर से जुड़ना, फिर से जूझना, फिर से लड़ना, फिर से चलना, फिर से दौड़ना, यही तो रीत है, अतीत तो अतीत है। न छुटेगा, न भूलेगा, न टूटेगा, न संभलेगा, ये तो गीत है, अतीत तो अतीत है...
बरसों की मेहनत पर भारी चार रोज के सपने हो गये, गद्दी मंथरा की हो गयी अबकी राम बनवास ही रह गये, महलों की जगमगाहट मुस्कराते रही, झोपड़ी में रहता था जो, झोपड़ी का रह गया। बाबू वो अदबो...
इत्तेफाक ये नहीं कि वो मुझ जैसा निकले, हैरानी ये कि छोड़ गया था जैसा निकलने, अंबर तक राह बन भी जाती मगर, कोई शख्स उस जैसा निकले।

क्या कुछ नहीं देखा

क्या कुछ नहीं देखा,,                            रुदन में , क्रंदन में,                            पयस् लिए इन नयन में,                            विलापते स्वपन में,             ...